हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा मंगलवार को सड़कों से उठकर विधानसभा में पहुंचा तो सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। करीब 13 हजार सफाई कर्मचारी छह अगस्त से हड़ताल पर हैं।
उनकी सबसे बड़ी मांग दो साल की सेवा पूरी करने वाले सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन और ड्राइवरों को नियमित करने की नीति बनाने की है। सरकार ने इस मांग को खारिज नहीं किया, लेकिन कानूनी और तकनीकी अड़चनों का हवाला देते हुए फिलहाल रास्ता तलाशने की बात कही है। यही मुद्दा सदन में सबसे बड़े टकराव का कारण बना।
प्रश्नकाल के तुरंत बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सरकार कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से छह दौर की बातचीत कर चुकी है और उनकी 13 में से 12 मांगें हुबहू स्वीकार कर ली गई हैं।
केवल नियमितीकरण की मांग पर अभी समाधान नहीं निकल पाया है। विपुल गोयल ने कहा कि कुछ मामले अदालतों में लंबित हैं और कानूनी स्थिति को नजरअंदाज कर सरकार कोई फैसला नहीं ले सकती। विपुल गोयल के इतना कहने पर विपक्षी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।